
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा—जनगणना केवल आंकड़े नहीं, विकास की आधारशिला
रायगढ़। आगामी जनगणना-2027 के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। राज्य शासन के निर्देश पर कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) हेतु दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई।
कलेक्टर ने जनगणना को राष्ट्रीय महत्व का दायित्व बताते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं की आधारशिला है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति या परिवार गणना से वंचित न रहे और मैदानी कार्य पूर्ण सावधानी, पारदर्शिता व प्रतिबद्धता के साथ किया जाए।
दो चरणों में होगी जनगणना
प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी—
- प्रथम चरण: 1 से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन), जिसमें हर भवन/मकान का डिजिटल सूचीकरण होगा।
- द्वितीय चरण: जनसंख्या गणना, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यक जनसांख्यिकीय जानकारी संकलित की जाएगी।
पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया
राज्य मास्टर ट्रेनर्स अशोक मिश्रा, कैलाश चन्द्र पण्डा और शेष प्रसाद पण्डा ने तकनीकी, प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार पूरी प्रक्रिया जनगणना प्रबंधन पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से संचालित होगी, जिससे डेटा की शुद्धता, पारदर्शिता और त्वरित विश्लेषण सुनिश्चित होगा।
तहसीलवार सॉफ्ट फाइलों की सूक्ष्म जांच, मानचित्र सत्यापन, विसंगति सुधार, डेटा नैतिकता व गोपनीयता, प्रगणक-पर्यवेक्षक की भूमिकाएँ, समय-सीमा पालन, जनशक्ति प्रबंधन और प्रचार-प्रसार पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यशाला में अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी डॉ. प्रियंका वर्मा, जिला मास्टर ट्रेनर विकास रंजन, नगर निगम के अधिकारी, अनुविभागीय जनगणना अधिकारी और चार्ज अधिकारी उपस्थित रहे।




